Direct selling क्या है?
डायरेक्ट सेलिंग एक ऐसा बिजनेस है जिसके द्वारा हम अपने ब्रांड को promote करते हैं और अच्छा खासा मुनाफा कमाते है। इसमें डायरेक्ट सेलिंग कंपनियां अपने प्रोडक्ट को दुकानों पर बेचने की बजाए वो अपना प्रोडक्ट customer को सीधा बेचती हैं। अर्थात "कंपनियां independent sales के जरिए आदमी से आदमी पर सेलिंग से पैसे कमाता है।"
दुनियां में डायरेक्ट सेलिंग का भविष्य क्या है ?
अगर दुनिया में डायरेक्ट सेलिंग के बारे में बात की जाए तो WFDSA (world federation of Direct selling association) के अनुसार
- पूरी दुनिया में लगभग 120 मिलियन लोग डायरेक्ट सेलिंग को करते है।
- पूरी दुनिया में लगभग15.2 मिलियन ऐसे लोग हैं जो डायरेक्ट सेलिंग को अपने करियर के रूप में चुनते हैं।
- पूरी दुनिया में लगभग 44.5 मिलियन लोग इस business को पार्ट टाइम रूप में करते है।
- पूरी दुनिया में लगभग 60.5 मिलियन लोग डायरेक्ट सेलिंग के product को यूज के लिए काम करते है।
FUTURE OF DIRECT सेलिंग IN INDIA
Direct selling business 21वी शताब्दी का सबसे बड़ा बिजनेस है। FICCI (federation of Indian chambers commerce and industry) की रिपोर्ट के अनुसार भारत में 2025 तक डायरेक्ट सेलिंग industry 64000 करोड़ को पार कर जाएगी । और इसके distributors की संख्या 1 करोड़ 80 लाख से अधिक हो जाएगी।
आगे जानते है कि क्या direct selling industry भारत में Grow कर पाएगी।
दुनिया में सबसे ज्यादा जनसंख्या china मैं हैं। और दूसरे number पर भारत है। भारत में चीन के मुकाबले सबसे ज्यादा young people हैं। लेकिन direct selling मैं हम नए है। और मेरे दोस्त जो अमेरिका में आज होता है वो इंडिया में 20 साल बाद होता है। पहले लोग बोलते थे कि यहां के लोग फटा हुआ जींस पहनते है। आज इण्डिया में भी पहनते है। इंडिया में direct selling के ऊपर अब सरकार का पूरा ध्यान है। और डायरेक्ट सेलिंग के ऊपर स्व श्री रामबिलास पासवान जी के नेतृत्व में 2016 मैं इसके ऊपर Guidelines आई । और आगे भी सरकार इसके ऊपर ध्यान दे रही है। और आने वाले कल में भारत
डायरेक्ट सेलिंग industry के मामले में दुनियां का no. 1 country बन जाएगा।
आइए जानते हैं कि कोई भी इंडस्ट्री बनती कैसे है। किसी भी इंडस्ट्री को इन 4 phase से होकर गुजरना पड़ता है।अगर कोई industry इन चार phases से नहीं गुजरी तो वो कोई इंडस्ट्री ही नहीं है। - Negative phase
- Positive phase
- Growth phase
- Normal phase or competition phase
- NEGATIVE PHASE क्या होता है ?
ये एक ऐसा फेस है जिससे हर एक industry को होकर गुजरना पड़ता है। ये वो समय होता है। जब कोई कंपनी market मैं अपना नया business model introduce करती हैं। और लेकिन लोग उसे स्वीकार नहीं करते हैं। लोग उसे समझ नहीं पाते और उसे इग्नोर करते है। अब विश्वास करना इतना आसान नहीं है। अब लोग सोचते हैं कि नई चीज है पता नहीं चले या नहीं।
ऐसा ही कुछ banking sector के साथ हुआ। जब Banking sector इंडिया में आया तो लोगो ने विश्वास नहीं कर पाए क्योंकि इतनी आसानी किसी पर भी भरोसा नहीं किया जा सकता है। अब concept ये था कि आप Bank मैं पैसा रखिए और आपको कुछ प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। लेकिन ये एक लालच जैसी चीज़ दिखती है जिसमे लोगो को विश्वास नहीं हो पाया की अगर बैंक पैसा लेकर भाग गई तो इसलिए लोगो ने इस समय अपना पैसा अपने पास रखना उचित माना ।और इसी तरह लोगो ने insurance sector को नकार दिया क्योंकि विश्वास की कही ना कही कमी थी। इसी तरह बहुत सारे example है जिसे आते ही लोगो ने नकार दिया था। लेकिन आज वही सब चीजें बहुत ज्यादा trends मैं है। क्योंकि लोग आज उसे अपना रहे है।
- POSITIVE PHASE क्या होता है ?
यह वो समय होता है जब लोगो का विश्वास किसी industry के ऊपर बढ़ने लगता है। लोग उस Business model को स्वीकार करने लगते है। क्योकी लोगो को विश्वास एक चीज पर होता है वो है results जब लोगो के सामने परिणाम आने लगता है तो लोगो का विश्वास अपने आप बढ़ने लगता है। जैसे insurance जिन लोगों ने या रिश्तेदारों ने कराया होगा और कोई दुर्घटना के बाद उनके परिवार वालों को पैसा मिलने लगा होगा तो और जायदा विश्वास बढ़ने लगा।
- GROWTH PHASE क्या होता है ?
एक बार अगर किसी industry पर विश्वास बन जाए तो उस उघोग की ग्रोथ अपने आप बहुत तेजी से बढ़ने लगती है।
क्योंकि इस तरीके के phase मैं लोगो को ज्यादा समझाने की जरूरत नहीं होती है। ऐसे में किसी भी कंपनी का प्लान बहुत तेज़ी से grow करने लगता है। जब तक कोई कंपनी ग्रोथ फेस मैं नहीं आती जब तक लोग इससे जुड़ना पसंद नहीं करते हैं।
- COMPETITION PHASE क्या होता है ?
हर वक्त एक ऐसा आता है जब कंपनियो के अंदर competition बहुत बढ़ जाता है। कंपनी की ग्रोथ को देखकर बहुत लोग जुड़ने लगे। अब ज्यादा लोग होने ज्यादा प्रॉफिट के चक्कर में सभी लोगो मैं competition शुरू हो जाता है।
किसी भी इंडस्ट्री को join करने का सही समय क्या होता ?
हमारी राय के अनुसार किसी भी इंडस्ट्री को ज्वाइन करने का सही समय Negative phase माना गया है क्योकी इस phase मैं लोगो को विश्वास नहीं होता है लेकिन अगर आप उस business model को ठीक से समझ पा रहे है तो आपको जरूर join करना चाहिए। क्योकी ऐसे समय में आपकी ग्रोथ बहुत बढ़ जाती है और ग्रोथ फेस तक आते आते इसका स्कोप बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और competitions फेस तक आते आपके मुकाबले कोई खड़ा नहीं हो सकता है। जरूरी यह है कि आप कंपनी के plan उसकी value और policy को ठीक से समझे। मान लीजिए किसी व्यक्ति ने नेगेटिव फेस मै किसी कंपनी को ज्वाइन कर लिया तो कुछ टाइम बाद जब कंपनी का growth होता है तो सोचिए उस person की ग्रोथ रेट कितनी होने वाली है।
Direct selling business ही क्यों ?
Direct selling एकमात्र ऐसा Business है जिसने Negative phase मैं होते हुए भी बहुत से करोड़पति लोगो को खड़ा कर दिया है। और इस business की सबसे बड़ी बात यह है कि यह बिजनेस बिना investment या low investment के साथ शुरू किया जा सकता है। लोगो के अंदर leadership qualities को improve किया जाता है। लोगो के अंदर बैठे डर को हराकर उनके अंदर जीत को हासिल करने का जज्बा पैदा किया जाता है। लोगो को पॉजिटिव लोगो के साथ रहकर मोटिवेशन दिया जाता है। और इस business मैं लोगो की personality को develop किया जाता है। और उन्हें एक बेहतर इंसान बनाया जाता है। ये एकमात्र ऐसा बिजनेस होता है जिसमे कमाने की कोई सीमा नहीं होती है। अगर आपके जितना ज्यादा नेटवर्क है यहां आप उतना ज्यादा पैसा कमा सकते हो। और न ही इस business में कोई बड़ा compitition है। आप इसे आसानी से बड़े पैमाने पर ले जा सकते हो।
"Your network is your networth"
भारत में डायरेक्ट सेलिंग का वर्तमान क्या है ?
अगर भारत में Direct sell के वर्तमान और भविष्य की बात कि जाए तो इसका जवाब FICCI (Federation of direct selling association) खुद दे चुका है। FICCI भी इस इंडस्ट्री को भारत में आने वाली बहुत बड़ी इंडस्टरी मान चुका है। वर्तमान मै भी इसकी ग्रोथ बहुत तेजी से हो रही है। अब कॉलेजों मै इसकी डिग्रियां आ चुकी है । अब लोगो का इस इंडस्टरी पर विश्वास काफी हद तक होने लगा है। इसकी बहुत सारी डिग्रियां जैसे
°M Net (master of networking)
°BNet (batchelor of networking)
°PGDDS (Post graduation diploma in direct selling)
° MBA (Net) etc.
और दिल्ली के भीतर Salooni univercity के द्वारा इसका कोर्स भी शुरु हो गया है। और हिंदी मै भी इलाहाबाद बोर्ड से इसे मान्यता प्राप्त हो गई है। आज बड़े बड़े शहरों में स्किल्स के ऊपर फोकस किया जा रहा है और सरकार भी skill india पर फोकस कर रही है और आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास कर रही है।
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