डायरेक्ट सेलिंग का इतिहास क्या है?

                     डायरेक्ट सेलिंग का इतिहास


सन 1934 मै कार्ल रेन वर्ग चीन से अमेरिका पहुंचे। उन्होंने चीन मैं देखा था कि बहुत से लोग MULTIVITAMINES को उपयोग का रहे है। वे अलग अलग ओषधियो पर निर्भर थे। कुछ एसी HUBS को उपयोग कर रहे थे जिनसे वे HEALTHY रहते है। चीन मैं लोग स्वस्थ थे। जबकि USA (United States of America) मैं इतने नही है । तब उन्होंने 1934 मैं USA मैं आकर एक कंपनी शुरू की जिसका नाम CALIFORNIYA VITAMINS रखा। जोकि एक MULTIVITAMINES बनाने वाली कंपनी थी। जोकि कुछ NATIONAL HEALTH SUPPLIMENT बनाती थी। ये पहले तो कैलिफोर्निया मैं थी लेकिन जल्दी ही GROW करने लगी। लोगो को इसके PRODUCTS पसंद आने लगे। तब इस COMPANY का नाम CHANGE कर दिया गया। ठीक 5 साल बाद सन 1939 मैं इसका नाम NUTRILITE रखा गया।


कुछ दिनों बाद लोगो को Nutrilite पसंद आने लगा। और धीरे धीरे पुरे अमेरिका में फैलने लगा। तब उन्होंने देखा कि लोग इसे Reference Base पर अधिक खरीद रहे है। लोगो को इससे अधिक फायदा होने लगा तब लोग इसे एक दूसरे को बताने लगे। और जो customer आ रहे है वो डायरेक्ट नही आ रहे है। वे reference base पर आ रहे है। तो उन्होंने सोचा की मैं अपने अलग Distributor create करू इससे अच्छा है की मेरे जो customer हैं उन्ही को distributor बना दूं। तब उन्होंने 2% commition रखा। और लोगो से बोला कि sir आप हमारे customer हो और आप हमसे जो भी Product लेते हो और उस product को लोगो को बताएंगे और जो भी sell आपके द्वारा होगी। हम आपको उस पर 2% का margin देंगे। इस तरीके से पहली बार पूरी दुनिया में MLM (multi level marketing) introduce हुई। 

इसके बाद सन 1949 मैं 2 लोगों ने Nutrilite को join किया। पहले का नाम Jay Van Andel और Richard Devos था। इन्होंने 10 साल तक काम किया लगभग 1959 तक जब तक Nutrilite ने अपनी Policy change नही की और यह Traditional model की तरफ जा रही थी क्योंकि उन्होंने Distributor की तरफ इतना Focus नही किया। इसलिए ये दोनो लोग Nutrilite से अलग हो गए। तब इन्होंने एक नई company की स्थापना की। जिसका नाम AMWAY रखा। अर्थात Amarican Way.


पहले यह cleaning को लेकर काम करती थी अर्थात डिटर्जेंट से संबंधित थी। Amway ने customer पर नहीं अपने Distributor पर Focus किया। और 2 level पर नही 3 level पर focus किया। और 3 लेवल पर पैसा दिया। सन 1972 मैं Amway ने बहुत अधिक Growth की और इतना पैसा कमाया कि किसी भी कंपनी ने नहीं। तब लोगो ने समझा कि

Network Marketting मैं हम बहुत कुछ कर सकते है।और इसी Amway से बहुत सारे लोग अलग हुए । और अन्य कंपनियां भी Amway को देख रही थी। वो भी इससे Inspire हुई और वो भी network marketing model के साथ काम करने के लिए मैदान मे उत्तर गई। अब 1994 मैं इन दोनो ने Nutrilite को ही खरीद लिया। क्योकी Network marketing मैं इतना अधिक पैसा ही था। और इसी समय नेटवर्क मार्केटिंग भारत में आई।


भारत में लोगो को यह बहुत पसंद आई क्योकि इसमें extra income के साथ passive income आती है। इन्होने mkt को आगे बढ़ाने के लिए seminar conduct कराए और लोगो को Influence किया। और लोग जुड़ गए। लेकिन यहां एक Problem थी कि यहां जो product थे वो use करने योग्य नहीं थे। जैसे कि इसमें Carwash जोकि कार को साफ करने के काम आता था लेकिन इंडिया मैं कारे नहीं थी। इसलिए इण्डया मैं इसका उपयोग भेसों को नहलाने में किया जाने लगा। तब उन्होंने देखा कि लोगो को plan बहुत पसंद आ रहा है। लेकिन product का इंडिया में कोई भी use नही है। तब इंडिया में नया प्लान आया पैसा लगाओ पैसा बनाओ। अर्थात Punzi schemes आ गई। इसके बाद लोगो को बहुत loss हुआ। क्योकी बहुत सी कंपनी आ गई जोकि punzischeme पर कार्य कर रही थी। और लोगो का पैसा लेकर भाग गई। जिससे लोगो का नेटवर्क मार्केटिंग से विश्वास उठने लगा।

Comments

Anonymous said…
February. https://upstox.onelink.me/0H1s/4BAPL9

Popular posts from this blog

Students को डायरेक्ट सेलिंग क्यों करना चाहिए।

21 वी सदी का सबसे बड़ी क्रांति